जय माँ काली मंदिर, नयागाँव का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। माँ का पवित्र मंदिर बिहार के भागलपुर जिला के सुल्तानगंज प्रखंड के नयागांव ग्राम में अवस्थित है। यह मंदिर असरगंज- शाहकुंड रोड में लदौवा मोड़ से 3 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। दूर-दराज के इलाके तक यह मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक वर्ष चैत्र मास में "बेहरी' (भंडारा मेला) का आयोजन होता है। इस मंदिर की महिमा अपरंपार है।
श्री आद्याशक्ति माँ
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| Badi Durga, Asarganj |
दश महाविद्या मे प्रथमा शक्ति काली माँ है।काली माँ के कई रूप में जैसे महाकाली,शमसान काली,गुहय काली,भद्र काली,काम काली,दक्षिण काली और भी कितने रूप है।सती ने जब शिव को रोकने हेतु अपने रुप का विस्तार किया उसमे काली प्रथम है इस कारण ये आद्या शक्ति है।शिव के हृदय पर जिनकी स्थापना होती हो वही सृष्टि की परम सता है।यही माँ सर्व पूज्य भी है।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर, कोलकाता
| दक्षिणेश्वर काली मंदिर, कोलकाता |
कोलकाता में माँ काली का सबसे बड़ा मंदिर दक्षिणेश्वर काली मंदिर के नाम से प्रसिद्द है जो हुगली (गंगा का दुसरा नाम) नदी के तट पर बेलूर मठ के पास स्तिथ है | यह मुख्यत बंगालियों के अध्यांत्म का प्रमुख केंद्र माना जाता है साथ ही देश विदेश से काली माँ के भक्तो की भारी संख्या भी दर्शन करने यहा आती है |
इस मंदिर का निर्माण कार्य सन् 1855 में पूरा हुआ जो महारानी रासमणि ने करवाया था |
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